New York Mayor Election:
न्यूयॉर्क सिटी से मेयर पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार, भारतीय मूल के ज़ोहरान ममदानी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी की धमकी पर भड़क उठे हैं। ममदानी ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की “धमकी को स्वीकार नहीं करेंगे” और लोकतंत्र में ऐसे दबाव की कोई जगह नहीं है।
ट्रंप ने ममदानी को क्यों दी धमकी?
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी को खुली धमकी देते हुए कहा है कि अगर वे अमेरिका के सबसे बड़े शहर में आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) की कार्रवाई को रोकने की कोशिश करेंगे, तो उनकी सरकार ममदानी को गिरफ्तार करवा देगी। ट्रंप ने एक राउंडटेबल चर्चा के दौरान ममदानी को “कम्युनिस्ट” और “पागल” तक कह डाला।
नागरिकता पर उठाए सवाल
ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने ममदानी की अमेरिकी नागरिकता पर भी सवाल खड़ा किया और दावा किया कि “बहुत से लोग कह रहे हैं कि वह अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “अगर वह चुनाव जीतते हैं, तो हमें उन्हें गिरफ्तार करना होगा। हम अपने देश में किसी कम्युनिस्ट को नहीं चाहते।” इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि वह ममदानी पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखेंगे और कहा कि न्यूयॉर्क को फ्लोरिडा की तुलना में तीन गुना ज्यादा फेडरल फंड्स मिलते हैं—जिसे वह मुद्दा बनाएंगे।
ममदानी का करारा जवाब
ट्रंप की धमकी पर ज़ोहरान ममदानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने मुझे गिरफ्तार करने, मेरी नागरिकता छीनने, डिटेंशन कैंप में डालने और निर्वासित करने की धमकी दी है। ये सब इसलिए नहीं कि मैंने कोई कानून तोड़ा है, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं ICE को न्यूयॉर्क में डर का माहौल फैलाने से रोकना चाहता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि हर उस न्यूयॉर्कवासी के खिलाफ धमकी है, जो अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने से नहीं डरता। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है, और मैं ऐसी किसी धमकी को स्वीकार नहीं करूंगा।”
रिपब्लिकन पर ममदानी का तीखा हमला
ज़ोहरान ममदानी ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा न्यूयॉर्क के मौजूदा मेयर एरिक एडम्स की तारीफ किए जाने पर भी कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने एडम्स की आलोचना करते हुए कहा कि वे 2021 में डेमोक्रेट के तौर पर चुने गए थे, लेकिन अब स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और ट्रंप की नफरत भरी राजनीति का समर्थन कर रहे हैं।
ममदानी ने कहा, “जब MAGA रिपब्लिकन सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं और अरबपति दाताओं को फायदा पहुंचा रहे हैं, ऐसे समय में एरिक एडम्स का ट्रंप के साथ खड़ा होना लोकतंत्र के साथ धोखा है। लेकिन न्यूयॉर्क के मतदाता नवंबर में इसका करारा जवाब देंगे।”
ममदानी की नागरिकता पर उठे सवाल
33 वर्षीय ज़ोहरान ममदानी का जन्म युगांडा में दक्षिण एशियाई माता-पिता के घर हुआ था। वे 1998 में मात्र 7 साल की उम्र में अमेरिका आए और 2018 में अमेरिकी नागरिक बने। अब, ट्रंप और कई रिपब्लिकन नेता उनकी नागरिकता पर सवाल उठा रहे हैं और कुछ तो इसे रद्द करने की मांग तक कर रहे हैं।
अगर ज़ोहरान ममदानी चुनाव जीतते हैं, तो वे न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर बन सकते हैं — जो न केवल ऐतिहासिक होगा, बल्कि अमेरिका की विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों की भी एक मजबूत मिसाल पेश करेगा।
ममदानी का अभियान: कामकाजी वर्ग पर केंद्रित आंदोलन बना ताकत
ज़ोहरान ममदानी ने अपने चुनावी अभियान को लेकर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उनका आंदोलन पूरी तरह से कामकाजी लोगों की जरूरतों पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा, “हमने इस व्यवस्था को हिला दिया और न्यूयॉर्क के राजनीतिक नक्शे को बदलकर रख दिया।” ममदानी का मानना है कि यही वजह है कि उन्हें शहर भर के अल्पसंख्यक, प्रवासी और मेहनतकश समुदायों का जबरदस्त समर्थन मिला।
उन्होंने स्वीकार किया कि 2024 के चुनावों में ट्रंप को न्यूयॉर्क सिटी में अप्रत्याशित समर्थन मिला था, लेकिन उन्होंने लगातार ज़मीनी स्तर पर प्रचार कर डेमोक्रेटिक समर्थन को फिर से मजबूत किया। ममदानी ने कहा, “अगर हम लोगों को सिर्फ ये न बताएं कि वे किसके खिलाफ वोट करें, बल्कि ये भी दिखाएं कि वे किसके लिए वोट कर सकते हैं, तो हम उन लोगों का भरोसा भी जीत सकते हैं जिन्हें राजनीति ने भुला दिया है।”
ममदानी की लोकप्रियता में बढ़त
ताज़ा चुनावी सर्वेक्षणों के मुताबिक, ज़ोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मौजूदा मेयर एरिक एडम्स और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा दोनों से आगे चल रहे हैं। ममदानी ने आरोप लगाया है कि मेयर एडम्स ने ट्रंप प्रशासन के साथ मिलीभगत कर न्यूयॉर्क में आव्रजन छापों की अनुमति दी, ताकि उनके खिलाफ चल रहे फेडरल भ्रष्टाचार के मामलों पर से ध्यान हटाया जा सके।
ममदानी की यह मजबूती दर्शाती है कि उनका अभियान न सिर्फ विरोध की राजनीति से ऊपर है, बल्कि लोगों को सकारात्मक विकल्प और उम्मीद देने का एक सशक्त प्रयास भी है।



