भारत और चीन के रिश्तों में अब सकारात्मक बदलाव के संकेत नजर आने लगे हैं। बीजिंग ने भारत को उर्वरक, रेयर अर्थ मटेरियल और टनल बोरिंग मशीनों की आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिलाया है। यह आश्वासन चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने दो दिवसीय भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात में दिया। उल्लेखनीय है कि जयशंकर ने पिछले महीने चीन यात्रा के दौरान यूरिया, एनपीके, डीएपी, दुर्लभ मृदा खनिजों और टीबीएम की आपूर्ति का मुद्दा उठाया था।
तनाव कम करने पर जोर
वार्ता के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन को आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और साझा हितों के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर जारी गतिरोध का उल्लेख करते हुए तनाव कम करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
ताइवान पर भारत का रुख
जयशंकर ने दोहराया कि ताइवान पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत, अन्य देशों की तरह, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के लिए राजनयिक उपस्थिति बनाए रखेगा। बैठक में दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर वाशिंगटन की नीतियों, के बीच उन्हें आपसी सहयोग को मजबूत करना चाहिए।
वांग यी की यात्रा क्यों अहम?
चीनी विदेश मंत्री वांग यी की यह भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन जा सकते हैं। 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद रिश्तों में आई कड़वाहट को देखते हुए इस दौरे को द्विपक्षीय संबंध सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



