हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की रहने वाली भारती भोरिया ने साबित कर दिया है कि अगर तकनीक और जज्बा साथ हो, तो बिना जमीन के भी खेती से करोड़ों कमाए जा सकते हैं। एग्रीकल्चर में मास्टर्स करने वाली भारती ने एक सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़कर खेती का जोखिम भरा रास्ता चुना। शुरुआत घर की एक दीवार पर 4 लेयर के स्ट्रक्चर में स्ट्रॉबेरी उगाने से हुई, जिससे उन्होंने महज कुछ महीनों में 70 हजार रुपये कमाए।
आज भारती का पालमपुर में ‘हिल स्प्राउट्स’ (Hill Sprouts) नाम से एक हाई-टेक वर्टिकल फार्म है, जहाँ वे आईओटी (IoT) और ऑटोमेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। वे न केवल स्ट्रॉबेरी, बल्कि ब्लूबेरी, बेसिल, लेट्यूस और सीबकथॉर्न जैसी महंगी फसलें उगा रही हैं। इस ‘पावरफुल’ तकनीक की बदौलत वे कम पानी और कम जगह में हर महीने 2 से 2.5 लाख रुपये तक कमा रही हैं। भारती अब स्थानीय किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी स्मार्ट फार्मिंग की ट्रेनिंग दे रही हैं, ताकि पहाड़ों पर आधुनिक खेती का एक नया हब बन सके।



