आजकल हर युवा एक अच्छे पैकेज वाली नौकरी के पीछे भाग रहा है। मुंबई की एक बड़ी फार्मा कंपनी में काम करने वाले चंडीगढ़ के मोहित निझावन के पास भी ₹90 लाख का शानदार सालाना पैकेज था। लेकिन उनका विज़न कुछ और ही था।
फार्मा सेक्टर में काम करते हुए मोहित ने बहुत करीब से देखा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का सबसे बड़ा मूल कारण हमारा ‘खराब और केमिकल युक्त खान-पान’ है। उन्होंने तय किया कि वह दवाइयां नहीं, बल्कि शुद्ध आहार बेचेंगे। मोहित ने अपनी लाखों की हाई-प्रोफाइल नौकरी पर छोड़ दी।
परिवार की भारी नाराज़गी और तानों के बीच, उन्होंने एक छोटे से कमरे और घर की छत से ‘माइक्रोग्रीन्स’ उगाने की शुरुआत की। उन्होंने इसके लिए कोई बड़ा खेत नहीं खरीदा। केवल प्लास्टिक की ट्रे और पानी की मदद से उन्होंने ब्रोकली, सरसों और मूली जैसी 21 प्रकार की पोषक सब्ज़ियां (सुपरफूड) उगाईं।
उन्होंने ‘Embryonic Greens’ नाम से कंपनी बनाई। आज उनका ‘Greenu’ ब्रांड हर महीने ₹12 लाख का रेवेन्यू जेनरेट कर रहा है (सालाना टर्नओवर ₹1.44 करोड़)! आज मोहित न केवल लोगों को शुद्ध और पोषक आहार दे रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी इस आधुनिक खेती की ट्रेनिंग दे रहे हैं।



