विडंबना…जायदाद के लिए कलयुगी पुत्र ने उसी मां का गला घोट दिया जिसने अनेक मंदिर में जाकर देवी देवताओं से मनौती मानी उसे 9 माह गर्भ में रखकर अपने खून से पोषित किया उंगली पकड़कर चलना सिखाया पढ़ाया लिखाया लेकिन धन लोभी पुत्र ही उसका आगे चलकर गला घोटेगा यह सपने में भी नही सोचा होगा…उन्नाव के नामचीन वरिष्ठ अधिवक्ता एल्डर कमेटी के सदस्य रहे मूल रूप से सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के अटवा गांव के मूल निवासी जिला पंचायत सदस्य रहे दिवगंत बाबू जय राम सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी शशिकला सिंह को उनका कलयुगी जेष्ठ पुत्र योगेंद्र सिंह अपने साथ रखता था …बाबू जी की मृत्यु के बाद जायदाद को लेकर उनकी संताने आपस में लड़ने लगी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया … खैर यह संपत्ति विवाद पर एक दूसरे की हकमारी का फैसला न्यायालय करेगा लेकिन नवरात्रि में जब हम सभी सनातनी मां की आराधना करते है उसमे कोई बेटा जायदाद के लिए मां का गला घोट देगा यह सुनकर ही आश्चर्य हो रहा है…अन्य भाई एवम बहने संयुक्त रूप से मां की हत्या का आरोप लगा रहे थे लेकिन इस आरोप को कोई तब तक नही स्वीकार पा रहा था जब तक पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट नही आ गई…पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में गला घोटे जाने का स्पष्ट उल्लेख आ जाने से हर कोई इस कलयुगी पुत्र को कोस रहा है…भाईयो एवम बहनों का आरोप है कि उनके भाई ने मां से धोखा करके उनके नाम की संपत्ति की वसीयत करा ली जब मां को जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध किया उसने मां को बंधक बनाए रखा किसी को भी मिलने नही दिया मौका पाकर गला घोट दिया… यह घटना आज के बदलते परिवेश में समाज में जायदाद की पिपासा के लिए गिरते नैतिक पतन का ज्वलंत उदाहरण है…ज्ञानेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर मां की हत्या के आरोपी योगेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.



