Israel-US-Iran War: ईरान की सेना ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने तेहरान के साथ “सार्थक और सकारात्मक बातचीत” होने की बात कही थी। ट्रंप ने दावा किया था कि “दो दिनों तक अच्छी बातचीत हुई, इसलिए अगले पांच दिनों तक ईरान पर कोई हमला नहीं किया जाएगा।”
इस पर ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फ़ाग़ारी ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका किसी वास्तविक वार्ता में शामिल नहीं है, बल्कि “खुद से ही बातचीत कर रहा है।” बुधवार को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाए।
ज़ोल्फ़ाग़ारी ने कहा, “जिस रणनीतिक ताकत का दावा किया जाता था, वह अब विफलता में बदल चुकी है। अगर अमेरिका वास्तव में वैश्विक महाशक्ति होता, तो वह इस स्थिति से काफी पहले बाहर निकल चुका होता।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका अपनी “हार को समझौते का रूप देने की कोशिश” न करे और उसके “खोखले वादों का दौर खत्म हो चुका है।” उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा, “क्या आंतरिक मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि अब आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?”
यह बयान उस समय आया है जब ट्रंप प्रशासन की ओर से पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को 15 सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव भेजे जाने की खबरें सामने आई हैं। ज़ोल्फ़ाग़ारी ने स्पष्ट किया कि ईरान का रुख शुरू से ही सख्त रहा है और आगे भी रहेगा—“हम आपके जैसे लोगों से न पहले समझौता करते थे, न अब करेंगे और न ही कभी करेंगे।”



