उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में ₹1,133.67 करोड़ की लागत से बनने वाली हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया। साथ ही ₹47.23 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रोजेक्ट संवर्धन (मातृ एवं शिशु पोषण) की शुरुआत की। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जल आवर्धन परियोजना और क्षेत्रीय जल आपूर्ति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और महाकाल लोक के विकास ने उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया है। उन्होंने बताया कि हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना से सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं और शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। यह परियोजना लंबे समय तक हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी और सिंहस्थ के सफल आयोजन से प्रदेश का गौरव बढ़ेगा।
अंत्योदय के मार्ग पर सरकार
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उज्जैन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए प्रोजेक्ट संवर्धन शुरू किया गया है। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान और सफाई कर्मचारियों को किट वितरण भी किया गया। उन्होंने उज्जैन में आयुर्वेद के धनवंतरी संस्थान की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में जल्द बड़ी सौगात मिलेगी।
धार्मिक और औद्योगिक विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन और ओरछा सहित कई धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू कर उदाहरण पेश किया गया है। युवाओं और महिलाओं के रोजगार के लिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उज्जैन के पास रेडीमेड गारमेंट यूनिट शुरू होने से स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में दुनिया भर से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे और राज्य सरकार सभी तैयारियां समय पर पूरी कर रही है। क्षिप्रा के घाटों पर करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जाएगी। रामघाट के पास एक छोटा और एक बड़ा पुल बनाया जा रहा है। मार्च में भव्य गीता भवन का लोकार्पण होगा और जल्द ही उज्जैन-इंदौर फोरलेन सड़क का भूमिपूजन किया जाएगा। उज्जैन को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी हैं।





