चारधाम यात्रा 2026 को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। खासतौर पर हेली सेवाओं में व्यावसायिकता से ज्यादा मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान तैयारियों की समीक्षा की।
ग्रीन और क्लीन यात्रा पर जोर
धामी ने ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे और प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती होगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
हेली सेवाओं और सुरक्षा पर सख्ती
हेली सेवाओं के संचालन में निर्धारित एसओपी का कड़ाई से पालन, हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और ओवरलोडिंग से बचाव सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, ताकि आपात स्थितियों से समय रहते निपटा जा सके।
स्वास्थ्य और सुविधाओं का विस्तार
यात्रा मार्गों पर मेडिकल यूनिट्स और अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। पशुओं के लिए भी चिकित्सालयों की व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।
AI आधारित निगरानी और डिजिटल व्यवस्था
पूरे यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के साथ AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। दर्शन के लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अतिरिक्त बूथ भी लगाए जाएंगे।
ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन तैयार
यात्रा के दौरान ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए विशेष प्लान लागू किया जाएगा और वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय के साथ 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय रहेंगी।
दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य
ओवररेटिंग रोकने के लिए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है। सड़क मरम्मत, वाहन फिटनेस और जरूरी आपूर्ति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पिछले अनुभवों से सीख लेकर इस बार यात्रा को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।






