मध्य प्रदेश के किसानों को सोयाबीन पर मिलेगा भावांतर योजना का लाभ, सीएम मोहन यादव का ऐलान
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सागर जिले के जैसीनगर में सभा को संबोधित करते हुए सोयाबीन फसल पर भावांतर योजना लागू करने की घोषणा की। गौरतलब है कि यह योजना साल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी और उस समय किसानों के बीच काफी लोकप्रिय रही थी।
क्या बोले सीएम मोहन यादव?
सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोयाबीन का भाव 5300 रुपए तक तय किया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश के हर किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के आधार पर यह दर मिले। उन्होंने कहा—
“किसी किसान को घाटा नहीं होने देंगे। पिछले साल धान पर बोनस दिया था। इस बार यदि किसान की सोयाबीन ₹5000 में बिकती है तो भावांतर योजना के जरिए ₹300 से अधिक की राशि सीधे खाते में जाएगी। 1 रुपए का भी घाटा किसान को नहीं होने देंगे।”
नुकसान की भरपाई करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि कहीं भी एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। इसके अलावा, अतिवृष्टि या किसी अन्य कारण से सोयाबीन फसल खराब होने पर सर्वे कराया जाएगा और प्रभावित किसानों को मुआवजा भी दिया जाएगा।
सीएम यादव ने भरोसा दिलाया कि किसानों को उचित मूल्य और सुरक्षा देने के लिए सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।






