दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आरोपमुक्त कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री सहित इस मामले में नामित सभी 23 आरोपियों को राहत मिली है। सीबीआई से जुड़े इस केस में फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। उन्होंने खुद को “कट्टर ईमानदार” बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
फैसला सुनते ही दिखी राहत
मनीष सिसोदिया उस समय दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री थे और आबकारी विभाग उनके पास था। आरोपमुक्त होने के बाद केजरीवाल और सिसोदिया दोनों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी।
वकील से गले मिले केजरीवाल-सिसोदिया
स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने आबकारी नीति मामले में आरोपी नंबर 18 अरविंद केजरीवाल को भी बरी कर दिया। निर्णय सुनाए जाने के बाद कोर्ट रूम में केजरीवाल और सिसोदिया अपने वकील से गले मिले।
‘नीति में साजिश या आपराधिक इरादा नहीं’
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आबकारी नीति में किसी व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा के ठोस सबूत नहीं पाए गए। इसी आधार पर आम आदमी पार्टी के नेताओं समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया।
सीबीआई को कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान स्पेशल जज ने जांच एजेंसी पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कभी-कभी जब आप बहुत फाइलें पढ़ते हैं तो फाइलें आपसे बात करने लगती हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले दिन से कथित कबूलनामे की मांग कर रहे थे, लेकिन उसे चार्जशीट के साथ पेश नहीं किया गया। स्टार गवाहों की सूची भी मांगी गई थी।
सीलबंद लिफाफे पर जताई नाराजगी
एजेंसी की ओर से बताया गया कि कुछ जानकारी सीलबंद लिफाफे में दी गई थी। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक कथित कन्फेशनल स्टेटमेंट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। जज ने सीबीआई के वकील से पारदर्शिता और ईमानदारी की अपेक्षा जताई।





