Home » ताजा खबर » अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. अंजना सिंह का संदेश: “नारी सृष्टि की धुरी और शक्ति का स्वरूप”

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर डॉ. अंजना सिंह का संदेश: “नारी सृष्टि की धुरी और शक्ति का स्वरूप”

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-
नारी शक्ति को नमन–
डॉ. अंजना सिंह का प्रेरक संदेश।
​”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”
​आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, समाज की प्रखर आवाज और राष्ट्रीय हिन्दू भगवा वाहिनी की प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. अंजना सिंह (असिस्टेंट प्रोफेसर) ने संपूर्ण नारी जगत को अपनी शुभकामनाओं के साथ एक बेहद गहरा और आध्यात्मिक संदेश दिया है।
​ डॉ. अंजना सिंह ने नारी को बताया ‘सृष्टि की धुरी’
​मैम का मानना है कि नारी केवल एक देह नहीं, बल्कि साक्षात् शक्ति, सृजन और करुणा का स्वरूप है। उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि:
​नारी शक्ति का प्रतीक: वह सरस्वती (ज्ञान), लक्ष्मी (समृद्धि) और दुर्गा (बल) का साक्षात् संगम है।
​संस्कारों की जननी: माँ के रूप में नारी न केवल जीवन देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के चरित्र और नैतिक मूल्यों का निर्माण भी करती है।
​सहनशीलता की प्रतिमूर्ति: उनका धैर्य धरती माँ के समान है, जो परिवार और समाज को अपने स्नेह से सींचती हैं।
समाज के लिए एक ‘आईना’ हैं डॉ. अंजना सिंह:
​डॉ. अंजना सिंह जी न केवल शिक्षा जगत में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, बल्कि एक निष्ठावान समाज सेविका के रूप में समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से मिटाने का बीड़ा भी उठाए हुए हैं। उनकी मधुर वाणी और ओजस्वी व्यक्तित्व आज की पीढ़ी की महिलाओं के लिए एक मिसाल है। समाज को सही दिशा दिखाने और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने में मैम का योगदान अतुलनीय है।
​”नारी का सम्मान केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।” — डॉ. अंजना सिंह
विशेष अपील:
​आइये, आज इस खास दिन पर हम सभी महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प लें। डॉ. अंजना सिंह जैसी विदुषी महिलाओं का समाज में होना हमारे गौरव का विषय है।

साभार : स्वतन्त्र सागर जी

sssrknews
Author: sssrknews

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This