लुधियाना की 20 वर्षीय वंशिका मित्तल ने अपनी असाधारण बिजनेस सूझबूझ से कॉरपोरेट जगत को चौंका दिया है।
महज 18 साल की उम्र में इंजीनियरिंग का ऑफर ठुकराकर और फिर कॉलेज छोड़कर वंशिका ने ‘फ्लोरियल’ (Florial) नामक स्टार्टअप की नींव रखी।
अपनी दादी को क्रोशिया से स्वेटर बुनते देख उन्हें हाथ से बने फूलों के गुलदस्ते बनाने का विचार आया, जो कभी सूखते नहीं। मात्र 800 रुपये के पहले ऑर्डर से शुरू हुआ यह सफर आज 5.28 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुँच गया है।
ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ जुड़कर वंशिका ने पारंपरिक कला को आधुनिक गिफ्टिंग ब्रांड में बदल दिया है।
वंशिका की सफलता यह साबित करती है कि डिग्री से ज्यादा जरूरी एक ठोस आईडिया और उसे लागू करने का फौलादी जज्बा है।
पहले साल में 1.28 करोड़ और दूसरे साल में 4 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने के बाद, अब उनका लक्ष्य इस साल के अंत तक 7 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करना है।
लुधियाना के एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ यह ब्रांड आज पूरे भारत में अपनी पहचान बना चुका है। वंशिका अब उन हजारों युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं जो लीक से हटकर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।




