हाथरस में सुनील की शादी मोनिका से 21 फरवरी को पूरे रीति-रिवाज और परिवार की सहमति से हुई।
बैंड-बाजे, मेहमानों की भीड़ और खुशियों के बीच मोनिका धूमधाम से ससुराल पहुंची। किसी को क्या पता था कि ये शादी कुछ ही दिनों में खौफनाक मोड़ ले लेगी।
सुहागरात बनी डर की रात
शादी की पहली रात, जब सुनील ने प्यार से मोनिका को छूने की कोशिश की, तभी सब कुछ बदल गया।
मोनिका ने अचानक चाकू निकालकर सुनील पर हमला कर दिया और साफ शब्दों में कहा —
“मुझे हाथ मत लगाना।”
सुनील सहम गया।
डर के मारे वह अलग बिस्तर पर जाकर सो गया।
अगले दिन खुला राज
सुबह होते ही सुनील ने पूरी बात मोनिका के परिवार को बताई।
समझाने-बुझाने की कोशिश हुई, बातचीत का दौर चला, लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए।
अगले 4 दिनों तक सुनील डर के साए में मोनिका से दूरी बनाकर रहा।
25 तारीख को खेला गया असली दांव
फिर 25 फरवरी को अचानक मोनिका का व्यवहार बदल गया।
उसने पूरे घर के लिए बड़े प्यार से खाना बनाया।
सबको अपने हाथों से परोसा…
यहां तक कि सुनील को भी खुद अपने हाथों से खिलाया।
पर किसी को क्या पता था —
खाने में नींद की गोलियां मिली हुई थीं।
धीरे-धीरे घर के सभी लोग बेहोश हो गए।
और जब सब होश में आए…
घर खाली था।
लाखों के गहने और नकदी लेकर फरार
मोनिका 10 लाख रुपये के सोने के जेवर,
4–5 लाख रुपये की चांदी
और 18 हजार रुपये कैश लेकर फरार हो चुकी थी।
खुशियों से भरा घर एक ही हफ्ते में सदमे में बदल गया।
ये कहानी सिर्फ एक धोखे की नहीं…
ये भरोसे के टूटने, रिश्तों के बिखरने और एक सुनियोजित साजिश की कहानी है।
आप बताइए —
क्या ये पहले से रची गई प्लानिंग थी?
या शादी के नाम पर ठगी का नया तरीका?





