भारत के ‘कोला किंग’ कहे जाने वाले अरबपति रवि जयपुरिया की कहानी सिर्फ बिज़नेस सफलता की नहीं, बल्कि एक ऐसे मोड़ की है जिसने उनकी पूरी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। आज 1.19 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाले रवि जयपुरिया के फास्ट फूड साम्राज्य में KFC, पिज्जा हट और कोस्टा कॉफी जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं, लेकिन यह सफर एक गहरे सदमे से शुरू हुआ था।
1985 का कनिष्क विमान हादसा, जिसमें उनके करीबी रिश्तेदारों की मौत हुई, वही पल था जिसने उन्हें कनाडा की आरामदायक ज़िंदगी छोड़ भारत लौटने को मजबूर किया। यहीं से उन्होंने पारिवारिक बॉटलिंग बिज़नेस की कमान संभाली और आगे चलकर पेप्सी, पिज्जा हट और KFC जैसे ब्रांड्स को भारत के हर कोने तक पहुंचाया।
अब देवयानी इंटरनेशनल और सैफायर फूड्स इंडिया के प्रस्तावित विलय के बाद भारत में KFC और पिज्जा हट एक ही बड़ी इकाई के तहत आ जाएंगे। इस ऐलान के साथ देवयानी के शेयरों में तेजी आई और रवि जयपुरिया का फास्ट फूड साम्राज्य और मजबूत हुआ। यह कहानी बताती है कि कभी-कभी ज़िंदगी का सबसे बड़ा झटका ही सबसे बड़ी उड़ान की वजह बन भारत के ‘कोला किंग’ कहे जाने वाले अरबपति रवि जयपुरिया की कहानी सिर्फ बिज़नेस सफलता की नहीं, बल्कि एक ऐसे मोड़ की है जिसने उनकी पूरी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। आज 1.19 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाले रवि जयपुरिया के फास्ट फूड साम्राज्य में KFC, पिज्जा हट और कोस्टा कॉफी जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं, लेकिन यह सफर एक गहरे सदमे से शुरू हुआ था।
1985 का कनिष्क विमान हादसा, जिसमें उनके करीबी रिश्तेदारों की मौत हुई, वही पल था जिसने उन्हें कनाडा की आरामदायक ज़िंदगी छोड़ भारत लौटने को मजबूर किया। यहीं से उन्होंने पारिवारिक बॉटलिंग बिज़नेस की कमान संभाली और आगे चलकर पेप्सी, पिज्जा हट और KFC जैसे ब्रांड्स को भारत के हर कोने तक पहुंचाया।
अब देवयानी इंटरनेशनल और सैफायर फूड्स इंडिया के प्रस्तावित विलय के बाद भारत में KFC और पिज्जा हट एक ही बड़ी इकाई के तहत आ जाएंगे। इस ऐलान के साथ देवयानी के शेयरों में तेजी आई और रवि जयपुरिया का फास्ट फूड साम्राज्य और मजबूत हुआ। यह कहानी बताती है कि कभी-कभी ज़िंदगी का सबसे बड़ा झटका ही सबसे बड़ी उड़ान की वजह बन जाता






