दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े CBI मामले में बड़ी कानूनी हलचल देखने को मिल रही है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता अरविंद केजरीवाल सहित अन्य आरोपियों ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को इस मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग की गई है। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। साथ ही, संभावना है कि अरविंद केजरीवाल खुद अदालत में पेश होकर अपनी दलीलें रखें।
हाई कोर्ट में दायर की गई अर्जी
AAP के अनुसार, केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने संयुक्त रूप से यह आवेदन दाखिल किया है। यह अर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका के जवाब में है, जिसमें निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें केजरीवाल को समन की अवहेलना के मामले में बरी किया गया था।
निचली अदालत ने किया था बरी
गौरतलब है कि 22 जनवरी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में केजरीवाल को समन की अवहेलना के मामले में राहत दी थी। अदालत ने माना था कि ED यह साबित नहीं कर सका कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का पालन नहीं किया।
ED ने हाई कोर्ट का रुख किया
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने 30 मार्च को इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दाखिल की। अब इस मामले में सोमवार को होने वाली सुनवाई को अहम माना जा रहा है, जहां केजरीवाल खुद अपनी बात रख सकते हैं।






