India – UAE Major Petroleum Deal – signed during visit of PM Modi recently
यह तो अविश्वसनीय लगता है, लेकिन सच्चाई यही है. प्रधानमंत्री मोदी की UAE यात्रा के बाद, UAE भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में 3 करोड़ बैरल तक तेल का भंडारण करेगा.
हम इस इंसान की ऋणी हैं, जिसने हमारी हर मुसीबत में जान बचाई है…
आप लोग चाहे उसकी कितनी भी आलोचना करें… वह घर के उस बड़े-बुजुर्ग की तरह है जो काम को अंजाम देता है, और कभी अपने परिवार को निराश नहीं करता.
तो चलिए मित्रों.. इस विषय (डील) पर आप लोगों को पूरे डिटेल्स से जानकारी देता हूं.
1 = UAE भारत में भंडारण का खर्च खुद वहन करेगा और स्वामित्व अपने पास रखेगा.
2 = किसी आपात स्थिति में भारत को प्राथमिकता के आधार पर पहुंच मिलेगी. भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा को एक बड़ा बढ़ावा है, भंडारण लागत का कोई बोझ भी नहीं.
* प्रधानमंत्री मोदी की UAE यात्रा (15 मई 2026) के बाद भारत-UAE ऊर्जा डील का पूरा डिटेल.
* मुख्य समझौता… भारत में रणनीतिक तेल भंडारण.
1 = 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल: UAE की ADNOC कंपनी भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 3 करोड़ बैरल तक तेल स्टोर करेगी.
2 = कौन से SPR: विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में मौजूदा भंडार. चंडिखोल, ओडिशा में प्रस्तावित नई सुविधा में भी भागीदारी.
3 = साइन किसने किया: Indian Strategic Petroleum Reserves Limited (ISPRL) और Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) के बीच Strategic Collaboration Agreement 80899555.
4 = UAE में भी भारत का तेल भंडार: UAE के फुजैरा में भी कच्चे तेल का भंडारण किया जाएगा जो भारत के स्ट्रैटेजिक रिजर्व का हिस्सा होगा.
5 = इसका फायदा: फुजैरा में स्टोरेज से होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत की निर्भरता घट जाएगी.
6 = LPG और गैस डील: लॉन्ग टर्म के लिए LPG सप्लाई: Indian Oil Corporation (IOCL) और ADNOC के बीच लंबी अवधि के LPG सप्लाई का समझौता.
7 = गैस रिजर्व: भारत में स्ट्रैटेजिक गैस रिजर्व बनाने पर भी काम होगा. भारत में LNG और LPG स्टोरेज सुविधाओं में सहयोग.
8 = निवेश और अन्य समझौते के रूप में, UAE भारत में 5 बिलियन निवेश करेगा. निवेश करने वाले UAE की कंपनियां हैं.
* $3 बिलियन: Emirates NBD Bank द्वारा RBL Bank में.
* $1 बिलियन: Abu Dhabi Investment Authority द्वारा NIIF में.
* $1 बिलियन: International Holding Company द्वारा Sammaan Capital में.
9 = शिप रिपेयर क्लस्टर: कोचीन शिपयार्ड और Drydocks World मिलकर वडिनार, गुजरात में शिप रिपेयर क्लस्टर बनाएंगे.
● भारत के लिए यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है.
1 = ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपनी खपत के अनुपात में कम तेल भंडार रखता है. ये डील आपात स्थिति में बफर देगी.
2 = सप्लाई शॉक से बचाव: ईरान युद्ध और होर्मुज संकट के बीच यह तेल रिजर्व “बीमा” का काम करेगा.
3 = UAE का रोल: UAE भारत का चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर है, 11% जरूरत पूरी करता है. LPG में UAE सबसे बड़ा सोर्स है, वह भारत की कुल खपत का 40% सप्लाई देता है.
4 = तेज उपलब्धता: भारत में UAE का तेल स्टोर होने से इमरजेंसी में तुरंत इस्तेमाल हो सकेगा.
● भारत में मौजूदा SPR की स्थिति क्या है: भारत के पास अभी विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पडूर में स्ट्रैटेजिक रिजर्व हैं. चंडिखोल और पडूर में विस्तार मंजूर है और काम चल रहा है.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि, ऊर्जा सहयोग रिश्ते का अहम हिस्सा है. ये डील भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएगी. वैसे 15 मई से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE की 2.5 घंटे की अबू धाबी यात्रा शुरू हो चुकी है, और इस डील पर वहां फाइनल हस्ताक्षर हो चुकी है …






