मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी संघर्ष का आज तेरहवां दिन है और हालात लगातार और गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों पक्षों की ओर से मिसाइल, बम और भारी हथियारों से हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उनका दावा है कि ईरान में अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी युद्ध समाप्त करने के लिए तीन अहम शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने बताया कि किन परिस्थितियों में ईरान इस संघर्ष को खत्म करने के लिए तैयार होगा।
क्या हैं ईरान की 3 शर्तें?
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर अपने आधिकारिक अकाउंट से बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत के दौरान क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई है।
उन्होंने कहा कि इज़रायल और अमेरिका की ओर से शुरू किए गए इस युद्ध को खत्म करने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होंगी:
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ईरान के वैध अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए।
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युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए।
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भविष्य में किसी भी तरह की आक्रामकता रोकने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए।
‘ईरान में अब कुछ भी नहीं बचा’ – ट्रंप
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा चुके हैं। उनके अनुसार इन हमलों में ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली और कई अहम सैन्य क्षमताएं नष्ट कर दी गई हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने सभी लक्ष्य पूरे कर लिए हैं और जब चाहे तब इस युद्ध को समाप्त किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका युद्ध खत्म करने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाएगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में दुनिया को नुकसान पहुंचाया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इज़रायल का हमला जारी
उधर इज़रायल ने भी लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इज़रायली सेना ने राजधानी Beirut के दक्षिणी हिस्से में जोरदार हवाई हमले किए, जिनमें बुर्ज अल-बरजनेह इलाका बुरी तरह प्रभावित हुआ।
इन हमलों के बाद रिहायशी इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कई मकानों में आग लग गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 2 मार्च से जारी हमलों में अब तक 600 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 86 बच्चे और 47 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 1,444 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।





