सियोल: सीजफायर के बीच उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण, दक्षिण कोरिया में बढ़ी चिंता
एक तरफ जहां ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की खबर से दुनियाभर में राहत का माहौल बना, वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से मिसाइल दागकर क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। किम जोंग उन के नेतृत्व में उत्तर कोरिया ने समुद्र की दिशा में कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया, जिससे दक्षिण कोरिया में हड़कंप मच गया। पिछले दो दिनों में यह दूसरा मिसाइल परीक्षण है।
वॉनसन से दागी गईं मिसाइलें
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र वॉनसन से लॉन्च की गईं। हर मिसाइल ने लगभग 240 किलोमीटर की दूरी तय की और पूर्वी समुद्री क्षेत्र में जाकर गिरी। दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह अमेरिका के साथ अपने मजबूत सैन्य गठबंधन के तहत किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पहले भी हुआ था संदिग्ध परीक्षण
दक्षिण कोरियाई सेना ने बताया कि मंगलवार को राजधानी क्षेत्र के आसपास से एक अन्य मिसाइल लॉन्च का भी पता चला था। हालांकि, यह प्रक्षेपण शुरुआती चरण में ही रडार से गायब हो गया, जिससे इसके असफल होने की आशंका जताई जा रही है।
रिश्तों में सुधार के संकेत नहीं
उत्तर कोरिया ने साफ कर दिया है कि वह दक्षिण कोरिया के साथ संबंध सुधारने के मूड में नहीं है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया की सरकार लगातार बातचीत फिर से शुरू करने की उम्मीद जता रही है।
दक्षिण कोरिया को बताया ‘कट्टर दुश्मन’
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के उप मंत्री जांग कुम चोल ने कहा कि दक्षिण कोरिया हमेशा उनका “सबसे कट्टर दुश्मन” रहेगा। उन्होंने दक्षिण कोरिया पर तंज कसते हुए कहा कि वह उत्तर कोरिया के बयानों को लेकर गलत उम्मीदें पाल रहा है।
ड्रोन विवाद पर भी चेतावनी
हाल ही में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने उत्तर कोरिया में कथित ड्रोन उड़ानों पर खेद जताया था। इस पर किम जोंग उन ने उनकी सराहना तो की, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो कड़ा जवाब दिया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर जोर
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत में लौटने से इनकार कर दिया है। 2019 में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ कूटनीतिक प्रयास विफल होने के बाद से वह अपने परमाणु कार्यक्रम को और मजबूत करने में जुटा है। किम जोंग उन ने पहले भी चेतावनी दी थी कि उकसावे की स्थिति में दक्षिण कोरिया को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।



