आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों टीसीएस और माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब ऑटोमोबाइल उद्योग में भी छंटनी की आहट सुनाई देने लगी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की तेज़ी, वैश्विक मंदी का दबाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच फ्रांस की बड़ी कार निर्माता कंपनी Renault SA बड़े पैमाने पर कर्मचारियों में कटौती करने की तैयारी कर रही है। फ्रेंच न्यूज साइट l’Informe की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी दुनियाभर में करीब 3000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म कर सकती है। इसका सीधा असर ह्यूमन रिसोर्स, फाइनेंस और मार्केटिंग जैसे सपोर्ट सर्विसेज पर पड़ सकता है।
15% पदों में कटौती की संभावना
रिपोर्ट्स के अनुसार, Renault सपोर्ट सर्विसेज में लगभग 15% पदों को कम करने की योजना पर विचार कर रही है। हालांकि, कंपनी ने अब तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। Agence France-Presse (AFP) से बातचीत में Renault ने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और न ही संख्या तय की गई है। कंपनी का कहना है कि वह अपने ऑपरेशंस को सरल बनाने, कामकाज की गति बढ़ाने और फिक्स्ड कॉस्ट घटाने के विकल्प तलाश रही है।
अमेरिकी बाजार से दूर, फिर भी दबाव
Renault की गाड़ियां अमेरिका में नहीं बिकतीं, इसलिए वह अमेरिकी टैरिफ के सीधे असर से बची हुई है। लेकिन अमेरिकी व्यापार बाधाओं के कारण यूरोपीय कंपनियां Renault के घरेलू बाजार यूरोप में आक्रामक रणनीति अपना रही हैं, जिससे उसके मार्केट शेयर पर दबाव बढ़ रहा है।
चीनी कंपनियों से कड़ी चुनौती
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार सेगमेंट में चीनी कंपनियां तेज़ी से यूरोपीय बाजार पर कब्जा कर रही हैं। इसके चलते Renault की ग्रोथ लगभग रुक सी गई है। यही वजह है कि कंपनी अब उभरते बाजारों पर फोकस कर रही है।
2027 तक 8 नए मॉडल लॉन्च होंगे
Renault पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह 2027 तक यूरोप से बाहर के बाजारों के लिए करीब 3 बिलियन यूरो (30 हजार करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। इस निवेश के जरिए कंपनी 8 नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, ताकि एशिया और अफ्रीका जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मज़बूत कर सके।






