सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के लिए यह मामला एक चेतावनी बन सकता है। Madhya Pradesh के Khandwa जिले में इंस्टाग्राम पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश का मामला सामने आया है। प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए National Security Act (NSA) के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भेजा गया जेल
अधिकारियों के मुताबिक, खंडवा के जिलाधिकारी Rishav Gupta ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रभाकर शिंदे उर्फ प्रभु (41) को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिला जेल में बंद रखने का आदेश जारी किया है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
बताया गया कि स्थानीय निवासी मुजाहिद कुरैशी की शिकायत पर शिंदे के खिलाफ Moghat Road Police Station में Bharatiya Nyaya Sanhita के संबंधित प्रावधानों के तहत पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था। आरोप है कि उसने इंस्टाग्राम पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट साझा की थी।
आरोपी के खिलाफ प्रदर्शन
मोघट रोड थाने के प्रभारी Dhiresh Dharwal ने बताया कि प्रशासन के आदेश के अनुसार शिंदे को NSA के तहत जेल भेज दिया गया है। वहीं, कुछ लोगों के समूह ने आरोपी को फांसी देने की मांग करते हुए 5 मार्च की रात थाने के बाहर उग्र प्रदर्शन भी किया था।
पुलिस ने संभाले हालात
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और हालात पर काबू पाया। प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ पथराव, बलवा, सरकारी काम में बाधा डालने और सड़क जाम करने जैसे आरोपों में अलग से मामला दर्ज किया गया है।
क्या है रासुका?
रासुका यानी National Security Act भारत का एक सख्त कानून है, जिसे 23 सितंबर 1980 को Indira Gandhi की सरकार के दौरान लागू किया गया था। इसका उद्देश्य देश की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना है। इस कानून के तहत हिरासत में लिए गए आरोपी को लंबे समय तक बिना मुकदमे के भी जेल में रखा जा सकता है और जमानत मिलना बेहद कठिन होता है।







