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भारत-पाक मैच से पहले मोहसिन नकवी का बड़बोलापन, आसिम मुनीर का नाम लेकर फिर मचाया शोर 🔥 Option 2 (थोड़ा व्यंग्यात्मक) मैच से पहले बयानबाज़

India–Pakistan मैच से पहले मोहसिन नकवी का बयान बना विवाद की वजह

पाकिस्तान के लिए विवाद और बयानबाज़ी कोई नई बात नहीं है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से ऐसे बयान सामने आए हैं, जिन्होंने क्रिकेट को राजनीति और सैन्य संदेश से जोड़ दिया है। अपने ही फैसलों पर टिक न पाने और बाद में बयान देकर स्थिति संभालने की कोशिश करना पाकिस्तान के हुक्मरानों की पुरानी आदत मानी जाती है।

दरअसल, भारत के खिलाफ T20 विश्व कप मैच को लेकर पाकिस्तान ने हफ्तों तक ड्रामा किया। कभी बॉयकॉट की धमकी दी गई, तो कभी ICC पर दबाव बनाने की कोशिश हुई। अंततः 15 फरवरी को पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने पर सहमति जता दी। लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

नकवी के बयान से बढ़ा विवाद

भारत के खिलाफ मैच खेलने की हामी भरने के बाद PCB चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम लेकर बयान दिया। नकवी ने कहा कि न तो वह, न पाकिस्तान सरकार और न ही फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, ICC या भारत की किसी “धमकी” से डरते हैं।

नकवी के इस बयान को कई हलकों में गैर-ज़रूरी और भड़काऊ माना जा रहा है, क्योंकि इससे एक क्रिकेट मुकाबले को सिविल-मिलिट्री संदेश से जोड़ दिया गया।

फील्ड मार्शल बने आसिम मुनीर

आसिम मुनीर हाल के महीनों में पाकिस्तान की राजनीति और सैन्य व्यवस्था में सबसे चर्चित चेहरा बनकर उभरे हैं। मई 2025 में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच सीमित सैन्य तनाव देखने को मिला था। इसके बाद 20 मई 2025 को पाकिस्तान सरकार ने जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया।

अयूब खान के बाद आसिम मुनीर पाकिस्तान के इतिहास में दूसरे ऐसे व्यक्ति बने हैं जिन्हें यह पद मिला है। पाकिस्तान सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूती का प्रतीक बताया, हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठे थे।

विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों का मानना है कि मोहसिन नकवी द्वारा मुनीर का नाम लेना महज प्रतीकात्मक था और इसका उद्देश्य घरेलू दर्शकों के लिए सख्त संदेश देना था। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे यह साफ हो गया कि पाकिस्तान ने क्रिकेट के मुद्दे को जानबूझकर सरकार और सेना की छवि से जोड़ने की कोशिश की है।

PCB का यू-टर्न कैसे हुआ?

गौरतलब है कि इससे पहले PCB और पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने की बात कही थी। लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में ICC और श्रीलंका, UAE तथा बांग्लादेश जैसे मित्र क्रिकेट बोर्डों के साथ बातचीत के बाद रुख बदला गया।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की भावना और निरंतरता बनाए रखने के लिए लिया गया। ICC ने भी लाहौर में हुई बैठकों को सकारात्मक बताया और किसी तरह की पेनल्टी से इनकार किया।

हालांकि, मैच खेलने की सहमति के बावजूद मोहसिन नकवी के बयान ने पूरे मुद्दे को फिर से राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे खेल के बजाय बयानबाज़ी चर्चा का विषय बन गई है।

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Author: sssrknews

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