मुंबई: दिग्गज गायिका Asha Bhosle के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक और सामाजिक जगत की प्रमुख हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari सहित कई नेताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे बहुमुखी और प्रसिद्ध आवाज़ों में से एक थीं। उन्होंने लिखा कि उनकी लंबी और असाधारण संगीत यात्रा ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया और दुनिया भर में करोड़ों दिलों को छुआ। उनकी मधुर और ऊर्जावान आवाज़ हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि आशा ‘ताई’ ने अपनी प्रतिभा और सुरों से भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और एक अलग पहचान बनाई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे भारतीय संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के बाद अब आशा भोसले के जाने से संगीत का एक और युग समाप्त हो गया है। उन्होंने उनके बहुआयामी योगदान—शास्त्रीय से लेकर पॉप और फिल्मी संगीत तक—को याद करते हुए कहा कि उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले का योगदान भारतीय संगीत में अमिट रहेगा। उन्होंने कई दशकों तक अपनी गायकी से संगीत जगत को समृद्ध किया और उनके गीत हमेशा जीवित रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इसे कला और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उनकी आवाज़ आने वाली पीढ़ियों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने उन्हें एक प्रेरणादायी और महान कलाकार बताया, जिन्होंने पीढ़ियों तक लोगों के दिलों पर राज किया। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्ला संगीत में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray ने कहा कि आशा भोसले के निधन से भारतीय संगीत जगत का एक मजबूत स्तंभ टूट गया है और उनकी आवाज़ हमेशा अमर रहेगी।
इसके अलावा Rashtriya Swayamsevak Sangh के सरसंघचालक Mohan Bhagwat और सरकार्यवाह Dattatreya Hosabale ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले ने अपनी साधना और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति पर अमिट छाप छोड़ी है।
आशा भोसले का जाना न सिर्फ संगीत जगत, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके सुर और गीत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।



