धुले: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA के सख्त प्रावधानों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में किए गए संशोधनों की वजह से आज उमर खालिद, शरजील इमाम जैसे कई अंडरट्रायल कैदी लंबे समय से जेल में बंद हैं।
धुले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, उस दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने UAPA में अहम संशोधन किए। इन्हीं संशोधनों के कारण जमानत के नियम बेहद कड़े हो गए और अदालतों के लिए भी राहत देना मुश्किल हो गया।
ओवैसी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने दो अंडरट्रायल आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया है और इसके पीछे के कारण भी स्पष्ट किए हैं। UAPA में जो बदलाव किए गए, उनमें आतंकवाद की परिभाषा को और व्यापक किया गया, जिससे ऐसे मामलों में बेल मिलना लगभग असंभव हो गया।”
उन्होंने खास तौर पर UAPA की धारा 43डी का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रावधान के तहत बिना चार्जशीट दाखिल किए किसी आरोपी को 180 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है। ओवैसी का आरोप है कि इसी कानून का इस्तेमाल कर अल्पसंख्यकों को अधिकतम अवधि तक जेल में रखा जा रहा है।
ओवैसी ने आगे कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि सच और उम्मीद के बीच बहुत बड़ा फासला है। जमीनी हकीकत यही है कि हालात अलग हैं। मुस्लिम अल्पसंख्यकों के नजरिए से यह एक सच्चाई है कि उन्हें 180 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है।”
गौरतलब है कि ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। हालांकि, इसी मामले में कोर्ट ने मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दे दी है।






