जब दो समधन साथ मिलकर सपनों को हकीकत बनाने निकल पड़ें, तो उम्र और पढ़ाई मायने नहीं रखती—बस हौसला चाहिए।”
उत्तराखंड की निशा गुप्ता और गुड्डी थपलियाल ने इसी हौसले के दम पर एक छोटी सी शुरुआत को बड़ी सफलता में बदल दिया। 50 साल की उम्र पार कर चुकी इन दोनों महिलाओं ने साल 2017 में घर से गिफ्ट आइटम बेचने का काम शुरू किया, जो आज “गीक मंकी” नाम के ऑनलाइन गिफ्ट प्लेटफॉर्म के रूप में सालाना 2 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है।
इस सफलता की कहानी की शुरुआत उनके बच्चों से हुई। निशा की बेटी वैशाली और गुड्डी के बेटे अनिल एक-दूसरे से प्यार करते थे। शादी के बाद दोनों परिवार जुड़े और निशा व गुड्डी के बीच गहरी दोस्ती हो गई। एक दिन गुड्डी ने कुछ काम करने की इच्छा जताई, तब बच्चों ने ऑनलाइन बिजनेस का आइडिया दिया—और यहीं से उनकी नई उड़ान शुरू हुई।
शुरुआत में अनुभव की कमी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दोनों ने लोकल आर्टिजन से जुड़कर उनके बनाए यूनिक और किफायती गिफ्ट आइटम्स अपने प्लेटफॉर्म पर बेचना शुरू किया। यही उनकी पहचान बन गई।
पहले साल में उनका टर्नओवर 15 लाख रुपये था, लेकिन सीख और मेहनत के साथ अगले ही साल यह बढ़कर 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आज उनके प्लेटफॉर्म पर 1300 से ज्यादा प्रोडक्ट्स हैं, जिनकी कीमत 99 से 13 हजार रुपये तक है।
अब उनके साथ 12 कर्मचारी और 40 फ्रीलांसर जुड़े हैं। उनका सपना है हर साल 50% ग्रोथ के साथ ज्यादा से ज्यादा लोकल आर्टिजन को मंच देना।



