मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित धर्म परिवर्तन और देह व्यापार से जुड़े एक मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन दो सगी बहनों—अमरीन और आफरीन—द्वारा किया जा रहा था। दोनों पर आरोप है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की युवतियों को झांसा देकर पहले उनसे संपर्क बनाती थीं और बाद में उन्हें अवैध गतिविधियों में धकेलती थीं।
पॉश इलाके में रहन-सहन
जांच में सामने आया कि दोनों बहनें पहले अब्बास नगर क्षेत्र में रहती थीं, लेकिन हाल के वर्षों में वे सागर रॉयल विला जैसे पॉश इलाके में शिफ्ट हो गई थीं। पुलिस का दावा है कि वे सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से संपर्क करती थीं और उन्हें पार्टियों व हाई-प्रोफाइल सर्किल से जोड़ने का लालच देती थीं। आरोप है कि इसके बाद कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें देह व्यापार में शामिल किया जाता था।
शिकायत के बाद कार्रवाई
मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 और 32 वर्ष की दो युवतियों ने बाग सेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। दोनों का कहना है कि उनकी पहचान इंस्टाग्राम चैट के माध्यम से हुई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, इस मामले में बिलाल, चानू और यासिर नामक तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।
अन्य आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल कुछ आरोपियों पर दुष्कर्म के भी आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं और अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान की जा रही है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना के सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जाहिर की है और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं राज्य सरकार ने कहा है कि अवैध धर्मांतरण और मानव तस्करी जैसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पड़ोसियों के बयान
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को बयान दिए हैं। कुछ पड़ोसियों का कहना है कि फ्लैट पर देर रात तक आवाजाही रहती थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।





