दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हिन्दू दलित युवक तरुण खटीक की शांतिदूत भाईजानों ने हत्या कर दी, तरुण की 11 वर्षीय भतीजी रिशिका गुब्बारे से खेल रही थी , तिसरे मंजिल से निचे सड़क पर खड़े अपने दादा पर रंगों से भरा एक गुब्बारा फेंका वह गुब्बारा सड़क पर गिर गया और उसकी कुछ छिंटे गैर हिन्दू महिला सायरा बानो के पैर पर लग गया फिर क्या गैर हिन्दू महिला ने भाईजान अब्दुलों को बताया उसके बाद 30–35 की संख्या में तरुण के परिवार वालों पर टूट पड़ते हैं , तरुण के पिता सायरा बानो को कहते हैं आप मेरी बहन तुल्य है छोटी सी गलती से आपको रंगों की कुछ छिटें पड़ गई है हमें क्षमा कर दीजिए… फिर भी भाईजान नहीं रुकते कसकर पुरे परिवार को पिटकर चले जाते हैं । तरुण खटीक शाम में रंग खेलकर अपने घर वापस हो रहा होता है उसको अब्दुल भाईजान और सायरा बानों अपने दरवाजे पर घेर लेते हैं बच्चे , बुढ़े , औरत और मर्द पुरा अब्दुल गिरोह लगभग 50-60 लोग तरुण खटिक पर टूट पड़ते हैं, बेरहमी से मारते पीटते हैं, जिससे उसकी मौके पर मौत हो जाती है । अभी कुछ रोज पहले जब मैंने गैर हिन्दू महिला द्वारा आयोजित होली इवेंट्स पर और भाईजान के व्यवहार पर प्रश्न उठाया था तो कुछ भाईजान मुझे इंसानियत, भाईचारा , संविधान , धर्मनिरपेक्षता इत्यादि का ज्ञान दे रहे थे । दरअसल यह लोग बहुत चतुर प्रजाति है इनकी टीम A अपराध करेगी , टीम B उसे जस्टिफाई करेगी टीम C उसे शेयर करेगी और फिर बाकी टीम D सब मिलकर मुहब्बत , इंसानियत , अमन , शांति की बात करेंगे और इन्हीं प्यारे-न्यारे शब्दों की आड़ में लव-जिहाद, धर्मांतरण का खेल खेलेंगे , यह लोग नास्तिक हो ही नहीं सकते हिन्दुओं के लिए किए गए हर एक कार्य में कोई ना कोई प्रोपगंडा छूपा हुआ रहता है कुछ समय रहते तरुण खटिक जैसे कांड के माध्यम से सामने आ जाते हैं तो कुछ गुमशुदा हो जाते हैं । अमन , शांति, भाईचारा इत्यादि इन सब बातों के बावजूद अपने घर में अमोनियम नाइट्रेट रखेंगे , पत्थर , पेट्रोल इत्यादि ठुस के रखेंगे आखिर क्यों ? और तरुण खटिक की हत्या के बाद यह भीम-मीम और बुद्धाए वालो के यहां तो सन्नाटा ही पसरा हुआ है , अब क्यों नहीं भाईचारे और नफ़रत पर ज्ञान दे रहे हो ?? तरुण खटिक के पिताजी से कल रात मेरी बात हुई जवान बेटा के खोने का ग़म दर्द भरी आवाज़ जो आत्मा को झकझोर दे रही थी विशेष क्या बोलुं निशब्द हूं । ईश्वर तरुण खटिक की आत्मा को शांति प्रदान करे और मैं स्पष्ट कहता हूं अब्दुल भाईजान से व्यवहार और व्यापार खत्म कीजिए वर्ना आपकी युवा पीढ़ी ऐसे ही मरते रहेगी !!






