उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या यह महज स्वास्थ्य कारणों से लिया गया निर्णय था, या इसके पीछे कुछ और बड़ी वजहें भी छिपी हैं?
इस्तीफे से पहले हुआ भव्य भोज, अब माना जा रहा फेयरवेल
धनखड़ ने 21 जुलाई की रात लगभग 9 बजे उपराष्ट्रपति पद से अपना इस्तीफा दिया। लेकिन उससे एक दिन पहले, यानी 20 जुलाई को, उन्होंने अपनी पत्नी के जन्मदिन के मौके पर भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया था, जिसमें 800 से अधिक मेहमान शामिल हुए। अब इस भोज को उनके विदाई समारोह के रूप में देखा जा रहा है।
हर दल के नेताओं और सचिवालय के स्टाफ को दिया गया निमंत्रण
इस खास मौके पर धनखड़ ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ राज्यसभा सचिवालय के पूरे स्टाफ को भी आमंत्रित किया था। माना जा रहा है कि यह पहली बार था जब उन्होंने सचिवालय के स्टाफ को इस तरह निजी भोज में बुलाया।
इस आयोजन को देखकर राजनीतिक विश्लेषक यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस्तीफे की योजना पहले से ही तय थी, और यह भोज उसी की एक संकेत भर था?
भोज में केजरीवाल भी पहुंचे, धनखड़ से मुलाकात हुई
इस भोज में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए थे और उनकी धनखड़ से मुलाकात भी हुई थी। इस मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूत्रों का दावा: संसद संचालन के तरीकों को लेकर थी असहमति
सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफे के पीछे की एक बड़ी वजह संसद के संचालन को लेकर असहमति और तालमेल की कमी थी। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ नेता धनखड़ के काम करने के तरीके से नाराज थे। इसके उलट सरकार लोकसभा की कार्यशैली से ज्यादा संतुष्ट बताई जा रही थी।
राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद इस्तीफा
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस्तीफे से ठीक 24 घंटे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, धनखड़ से उनके घर पर मुलाकात करने गए थे। यह मुलाकात क्लोज-डोर मीटिंग के रूप में हुई थी। इसके अगले ही दिन धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया।
सिंधिया के डिनर का कार्यक्रम भी हुआ रद्द
एक और दिलचस्प बात ये सामने आई कि धनखड़ का ज्योतिरादित्य सिंधिया के घर डिनर पर जाने का कार्यक्रम अचानक रद्द कर दिया गया था। इसके बदले सिंधिया ने खुद उनके घर खाना भिजवाया।
खरगे का बयान: कारण वही जानते हैं
धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“इस्तीफे का कारण वही जानते हैं। इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।”



