चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत अब पूरी तरह हो चुकी है। Kedarnath Temple के बाद आज उत्तराखंड के चमोली स्थित Badrinath Temple के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 149 दिनों बाद भगवान बद्रीविशाल ने भक्तों को दर्शन दिए।
सुबह लगभग सवा 6 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खोले गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami भी मौजूद रहे। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरा वातावरण “जय बद्रीविशाल” के जयकारों से गूंज उठा।
भव्य फूलों से सजा मंदिर
भगवान बद्रीनाथ के दर्शन को और दिव्य बनाने के लिए मंदिर को करीब 25 क्विंटल फूलों से सजाया गया। इस बार विशेष आकर्षण के रूप में फूलों से “ॐ लक्ष्मीपति नमो”, “जय श्री बद्री नारायण” और “वैकुंठाय नमो” लिखकर अद्भुत सजावट की गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सर्दियों में क्यों बंद होते हैं कपाट?
चारों धाम ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां सर्दियों में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड पड़ती है। इसी वजह से हर साल अक्टूबर-नवंबर में कपाट बंद कर दिए जाते हैं और अप्रैल-मई में दोबारा खोले जाते हैं। करीब छह महीने चलने वाली इस यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जो उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
चारधाम यात्रा का पूर्ण आगाज
Akshaya Tritiya के दिन 19 अप्रैल को Yamunotri Temple और Gangotri Temple के कपाट खोले गए थे। इसके बाद 22 अप्रैल को Kedarnath Temple के कपाट खुले और अब बद्रीनाथ धाम के खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा 2026 पूरी तरह शुरू हो गई है।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति से जुड़ी यह पवित्र यात्रा अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुल चुकी है।






