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23 अप्रैल 2026 का पंचांग: गंगा जयंती (सप्तमी) व्रत, पूजा विधि, महत्व, वास्तु उपाय और आज का राशिफल

Daily panchang,गंगा जयंती(सप्तमी)व्रत कथा महत्व पूजा विधि एवं घर में सुख-शांति के लिए वास्तुदोष निवारण के लिए क्या करें

🌤️ दिनांक – 23 अप्रैल 2026
🌤️ दिन – गुरूवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
🌤️ मास – वैशाख
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – सप्तमी रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात अष्टमी
🌤️ नक्षत्र – पुनर्वसु रात्रि 08:57 तक तत्पश्चात पुष्य
🌤️ योग – धृति 24 अप्रैल रात्रि 03:32 तक तत्पश्चात शूल
🌤️*राहुकाल – दोपहर 02:13 से शाम 03:49 तक*
🌤️ सूर्योदय – 06:14
🌤️ सूर्यास्त – 06:59
दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे

गंगा जयंती(सप्तमी)व्रत कथा महत्व पूजा विधि एवं घर में सुख-शांति के लिए वास्तुदोष निवारण के लिए क्या करें आओ जानें

वास्तुशास्त्र के नियमों के उचित पालन से शरीर की जैव-रासायनिक क्रिया को संतुलित रखने में सहायता मिलती है।

घर या वास्तु के मुख्य दरवाजे में देहरी (दहलीज) लगाने से अनेक अनिष्टकारी शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पातीं व दूर रहती हैं। प्रतिदिन सुबह मुख्य द्वार के सामने हल्दी, कुमकुम व गोमूत्र मिश्रित गोबर से स्वस्तिक, कलश आदि आकारों में रंगोली बनाकर देहरी (दहलीज) एवं रंगोली की पूजा कर परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि ‘हे ईश्वर ! आप मेरे घर व स्वास्थ्य की अनिष्ट शक्तियों से रक्षा करें।’

प्रवेश-द्वार के ऊपर नीम,आम, अशोक आदि के पत्ते का तोरण (बंदनवार) बाँधना मंगलकारी है।

वास्तु कि मुख्य द्वार के सामने भोजन-कक्ष, रसोईघर या खाने की मेज नहीं होनी चाहिए।

मुख्य द्वार के अलावा पूजाघर, भोजन-कक्ष एवं तिजोरी के कमरे के दरवाजे पर भी देहरी (दहलीज) अवश्य लगवानी चाहिए।

ज्योतिष परामर्श जन्मपत्रिका दिखाने बनवाने या घर का वास्तुदोष चैक कराने के लिए हमें सम्पर्क कर सकते हैं

भूमि-पूजन, वास्तु-शांति, गृह-प्रवेश आदि सामान्यतः शनिवार एवं मंगलवार को नहीं करने चाहिए।

गृहस्थियों को शयन-कक्ष में सफेद संगमरमर नहीं लगावाना चाहिए| इसे मन्दिर मे लगाना उचित है क्योंकि यह पवित्रता का द्योतक है।

कार्यालय के कामकाज, अध्ययन आदि के लिए बैठने का स्थान छत की बीम के नीचे नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे मानसिक दबाव रहता है।

बीम के नीचे वाले स्थान में भोजन बनाना व करना नहीं चाहिए। इससे आर्थिक हानि हो सकती है। बीम के नीचे सोने से स्वास्थ्य में गड़बड़ होती है तथा नींद ठीक से नहीं आती।

जिस घर, इमारत आदि के मध्य भाग (ब्रह्मस्थान) में कुआँ या गड्ढा रहता है, वहाँ रहने वालों की प्रगति में रूकावट आती है एवं अनेक प्रकार के दुःखों एवं कष्टों का सामना करना पड़ता है।

घर का ब्रह्मस्थान परिवार का एक उपयोगी मिलन स्थल है, जो परिवार को एक डोर में बाँधे रखता है।

यदि ब्रह्मस्थान की चारों सीमारेखाओं की के अन्दर साफ सुथरा रखना चाहिये।

पुष्य नक्षत्र योग

23 अप्रैल 2023 गुरुवार को रात्रि 08:57 से 24 अप्रैल सूर्योदय तक गुरुपुष्यमृत योग है ।
१०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति का पूजन करना चाहिये | ब्रहस्पति को तो हमने देखा नहीं तो सद्गुरु को ही देखकर उनका पूजन करें और मन ही मन ये मंत्र बोले –
ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |…… ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |

गंगा जयंती महत्व
23 अप्रैल 2026 गुरूवार को श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) है ।
गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है |
गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्त्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है | वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण भारत में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है यह तिथि पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर आने का पर्व है गंगा जयंती | स्कन्दपुराण, वाल्मीकि रामायण आदि ग्रंथों में गंगा जन्म की कथाi वर्णित है |
भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रूप में दर्शाया गया है | अनेक पवित्र तीर्थस्थल गंगा नदी के किनारे पर बसे हुये हैं | गंगा नदी को भारत की पवित्र नदियों में सबसे पवित्र नदी के रूप में पूजा जाता है | मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है | लोग गंगा के किनारे ही प्राण विसर्जन या अंतिम संस्कार की इच्छा रखते हैं तथा मृत्यु पश्चात गंगा में अपनी राख विसर्जित करना मोक्ष प्राप्ति के लिये आवश्यक समझते हैं | लोग गंगा घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं और ध्यान लगाते हैं |
गंगाजल को पवित्र समझा जाता है तथा समस्त संस्कारों में उसका होना आवश्यक माना गया है | गंगाजल को अमृत समान माना गया है | अनेक पर्वों और उत्सवों का गंगा से सीधा संबंध है मकर संक्राति, कुंभ और गंगा दशहरा के समय गंगा में स्नान, दान एवं दर्शन करना महत्त्वपूर्ण समझा माना गया है | गंगा पर अनेक प्रसिद्ध मेलों का आयोजन किया जाता है | गंगा तीर्थ स्थल सम्पूर्ण भारत में सांस्कृतिक एकता स्थापित करता है गंगा जी के अनेक भक्ति ग्रंथ लिखे गए हैं जिनमें श्रीगंगासहस्रनामस्तोत्रम एवं गंगा आरती बहुत लोकप्रिय हैं |
गंगा जन्म कथा
गंगा नदी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और अनेक धर्म ग्रंथों में गंगा के महत्व का वर्णन प्राप्त होता है | गंगा नदी के साथ अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं जो गंगा जी के संपूर्ण अर्थ को परिभाषित करने में सहायक है | इसमें एक कथा अनुसार गंगा का जन्म भगवान विष्णु के पैर के पसीनों की बूँदों से हुआ गंगा के जन्म की कथाओं में अतिरिक्त अन्य कथाएँ भी हैं | जिसके अनुसार गंगा का जन्म ब्रह्मदेव के कमंडल से हुआ |
एक मान्यता है कि वामन रूप में राक्षस बलि से संसार को मुक्त कराने के बाद ब्रह्मदेव ने भगवान विष्णु के चरण धोए औरk इस जल को अपने कमंडल में भर लिया और एक अन्य कथा अनुसार जब भगवान शिव ने नारद मुनि, ब्रह्मदेव तथा भगवान विष्णु के समक्ष गाना गाया तो इस संगीत के प्रभाव से भगवान विष्णु का पसीना बहकर निकलने लगा जिसे ब्रह्मा जी ने उसे अपने कमंडल में भर लिया और इसी कमंडल के जल से गंगा का जन्म हुआ था |
गंगा जयंती महत्व
शास्त्रों के अनुसार बैशाख मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही गंगा स्वर्ग लोक से शिव शंकर की जटाओं में पहुंची थी इसलिए इस दिन को गंगा जयंती और गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है | जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन ‘गंगा दशहरा’ (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है इस दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है | गंगा जयंती के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है| मान्यता है कि इस दिन गंगा पूजन से मांगलिक दोष से ग्रसित जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होता है| विधिविधान से गंगा पूजन करना अमोघ फलदायक होता है |
पुराणों के अनुसार गंगा विष्णु के अँगूठे से निकली हैं, जिसका पृथ्वी पर अवतरण भगीरथ के प्रयास से कपिल मुनि के शाप द्वारा भस्मीकृत हुए राजा सगर के 60,000 पुत्रों की अस्थियों का उद्धार करने के लिए हुआ था तब उनके उद्धार के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर माता गंगा को प्रसन्न किया और धरती पर लेकर आए । गंगा के स्पर्श से ही सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार संभव हो सका इसी कारण गंगा का दूसरा नाम भागीरथी पड़ा |

श्री गंगा सप्तमी
सनातन धर्म में गंगा स्नान का है खास महत्व
आज यानी 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी मनाई जाएगी। सनातन धर्म में गंगा स्नान का खास महत्व है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूर्णिमा, संक्रांति, गंगा सप्तमी, गंगा दशहरा और अमावस्या समेत शुभ तिथियों पर गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर मां गंगा, सूर्य देव, महादेव और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। सामान्य दिनों में भी साधक गंगा स्नान करते हैं।

शास्त्रों में वर्णित है कि गंगा स्नान करने से जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं। वहीं, गंगाजल से देवों के देव महादेव का अभिषेक करने से साधक की हर परेशानी दूर हो जाती है। साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है। मां गंगा की पूजा भक्ति करने से सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होती है।

कब मनाई जाती है गंगा सप्तमी?
सनातन धर्म में गंगा सप्तमी का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन मां गंगा धरती पर प्रकट हुई थीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माँ गंगा ने ऋषि जाह्नु ऋषि के कान से पुनर्जन्म लिया था, इसलिए इसे “जाह्नवी जयंती” भी कहा जाता है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है और इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व होता है। वहीं इस साल गंगा सप्तमी पर गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।

उदया तिथि का महत्व
हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार साल 2026 में सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10 बजकर 48 मिनट से शुरू होगी और 23 अप्रैल की रात 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

मां गंगा को समर्पित है यह दिन
गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर साधक सबसे पहले गंगा स्नान करते हैं। इसके बाद देवी मां गंगा और महादेव की पूजा करते हैं। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर गंगा नदी के तट पर मेला का आयोजन किया जाता है। साथ ही संध्याकाल में गंगा आरती की जाती है।

गंगा सप्तमी कब है?
साल 2026 में सप्तमी तिथि 22 अप्रैल की रात 10 बजकर 48 मिनट से शुरू होगी और 23 अप्रैल की रात 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस दिन स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 20 मिनट से सुबह 05 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में गंगा स्नान करना बेहद शुभ होगा। वहीं गंगा पूजन के लिए मध्यान्ह का मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में गंगा माता का पूजन करना बेहद शुभ होगा।

गंगा सप्तमी के शुभ योग
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर त्रिपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही रवि और शिववास योग का भी संयोग है। रवि योग में गंगा स्नान करने से साधक को सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी। वहीं, शिववास योग में गंगा स्नान कर देवों के देव महादेव की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।

गंगा सप्तमी की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा सगर ने युद्ध में मारे गए अपने पुत्रों को मोक्ष के लिए कठोर तपस्या कर गंगा को धरती पर अवतरित करवाया था। गंगा नदी का वेग इतना ज्यादा था। कि उससे पूरी पृथ्वी का संतुलन बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया था। ऐसे में भगवान शिव ने गंगा नदी का अपने जटाओं में धारण कर लिया और नियंत्रित रूप से धरती पर अवतरित होने दिया। भगवान शिव ने गंगा नदी को वर्ष वैशाख के माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि अपनी जटाओं में धारण किया था। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई थीं।

केदारनाथ,बद्रीनाथ,गंगोत्री,और यमुनोत्री का वर्णन कई पुराणों में है, जिनमें से कुछ प्रमुख पुराण हैं

1. स्कंद पुराण:
– केदारनाथ: स्कंद पुराण के केदारखंड में केदारनाथ का विस्तृत वर्णन है।
– बद्रीनाथ: स्कंद पुराण के बद्रीखंड में बद्रीनाथ का वर्णन है।
– गंगोत्री: स्कंद पुराण के गंगाखंड में गंगोत्री का वर्णन है।
– यमुनोत्री: स्कंद पुराण के यमुनाखंड में यमुनोत्री का वर्णन है।
2. पद्म पुराण:
– केदारनाथ: पद्म पुराण के उत्तरखंड में केदारनाथ का वर्णन है।
– बद्रीनाथ: पद्म पुराण के उत्तरखंड में बद्रीनाथ का वर्णन है।
– गंगोत्री: पद्म पुराण के उत्तरखंड में गंगोत्री का वर्णन है।
– यमुनोत्री: पद्म पुराण के उत्तरखंड में यमुनोत्री का वर्णन है।
3. ब्रह्म पुराण:
– केदारनाथ: ब्रह्म पुराण के 107वें अध्याय में केदारनाथ का वर्णन है।
– बद्रीनाथ: ब्रह्म पुराण के 108वें अध्याय में बद्रीनाथ का वर्णन है।
– गंगोत्री: ब्रह्म पुराण के 109वें अध्याय में गंगोत्री का वर्णन है।
– यमुनोत्री: ब्रह्म पुराण के 110वें अध्याय में यमुनोत्री का वर्णन है।
4. महाभारत:
– केदारनाथ: महाभारत के वनपर्व में केदारनाथ का वर्णन है।
– बद्रीनाथ: महाभारत के वनपर्व में बद्रीनाथ का वर्णन है।
– गंगोत्री: महाभारत के वनपर्व में गंगोत्री का वर्णन है।
– यमुनोत्री: महाभारत के वनपर्व में यमुनोत्री का वर्णन है।

इन पुराणों में इन तीर्थस्थलों के महत्व, इतिहास, और पूजा-विधि का वर्णन है।

संस्कृत श्लोक:

केदारनाथ:
केदारं नाम तीर्थं हि पापहरं पुण्यदायकम्।
शिवस्य निवासो यत्र गमनं मोक्षदायकम्।।

बद्रीनाथ:
बदरीं नाम तीर्थं हि पापहरं पुण्यदायकम्।
विष्णोः निवासो यत्र गमनं मोक्षदायकम्।।

गंगोत्री:
गंगोत्रीं नाम तीर्थं हि पापहरं पुण्यदायकम्।
गंगायाः उद्गमो यत्र गमनं मोक्षदायकम्।।

यमुनोत्री:
यमुनोत्रीं नाम तीर्थं हि पापहरं पुण्यदायकम्।
यमुनायाः उद्गमो यत्र गमनं मोक्षदायकम्।।

आज का आपका राशिफल

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिये अशांति से भरा रहेगा। दिन के आरंभ में कई दिनों से लटके कार्य पूरे करने की योजना बनाएंगे परन्तु आस-पास का वातावरण में कलह-क्लेश रहने से कोई भी कार्य ठीक से नही कर सकेंगे। घर के सदस्य आपसे किसी ना किसी कारण असंतुष्ट रहेंगे। भाई बंधुओ अथवा आस-पड़ोसी से मामूली बात बड़े झगड़े का रूप ले सकती है। वाणी एवं व्यवहार में नरमी रखे अन्यथा परिस्थिति गंभीर होते देर नही लगेगी। महिलाये भी अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने में असफल रहेंगी। नौकरी करने वाले लोग अधिकारी वर्ग से नाराज रहेंगे। आज पैतृक संबंधित अथवा अन्य सामूहिक घरेलू कार्य से बचकर रहें अवश्य झगड़ा होगा। धन लाभ कम खर्च अधिक रहेगा संताने उद्दंड व्यवहार करेंगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपको दैनिक कार्यो के अतिरिक्त अन्य अधूरे कार्यो से भागदौड़ करनी पड़ेगी। सेहत में भी उतार चढ़ाव लगा रहेगा अपनी अथवा परिजनों की सेहत को लेकर चिंतित रहेंगे। मध्यान तक काम करने की सोच में डूबे रहेंगे परन्तु आलस्य में समय व्यर्थ होगा। कार्य व्यवसाय आज संभावनाओं पर टिका रहेगा आर्थिक मामलों में केवल आश्वासन से काम चलाना पड़ेगा। घरेलू खरीददारी पर खर्च होगा। मनोरंजन की कामना आज मन मे ही रह जायेगी। घरेलू वातावरण शांत रहेगा परन्तु बीच मे कोई गलतफहमी होने से पारिवारिक सदस्य आपस मे भीड़ सकते है धैर्य का परिचय दें। संध्या का समय अपेक्षाकृत शांति से बिताएंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये सुख शांति वाला रहेगा परन्तु मन की चंचलता अधिक रहने से कारोबारी कार्य मे अनिर्णय की स्थिति किसी भी कार्य को सिरे नही चढ़ने देगी। आपके है-परिहास के व्यवहार के कारण लोग आपकी आवश्यक बातों को भी गंभीर नही लेंगे जिससे कार्यो में रुकावट आ सकती है। लाभ पाने के लिये आज गंभीर होना अतिआवश्यक है। धन लाभ आज आवश्यकता अनुसार लेकिन अकस्मात ही होगा। पारिवारिक वातावरण खुशहाल बना रहेगा परिजनों को आवश्यकता पूर्ति हेतु खर्च एव थोड़ी दौड़ धूप करनी पड़ेगी परन्तु इससे आपको संतोष ही होगा। संध्या का समय आनंद मनोरंजन में व्यतीत होगा। किसी से बहस ना करें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप ज्यादा परिश्रम करने के मूड में नही रहेंगे कार्य करते समय भी ध्यान मनोरंजन एवं आराम की ओर भटकेगा फिर भी आर्थिक दृष्टिकोण से दिन शुभ रहेगा। कार्य व्यवसाय से आशाजनक धन की आमद होने से मनचाही वस्तु पर खर्च कर सकेंगे व्यवसाइयों की पुरानी योजना पूर्ण होगी नई पर कार्य आरंभ आज ना करें। पारिवारिक उत्तरदायित्व को आज बखूबी निभाएंगे इसके विपरीत महिलाये धन संचय करने पर ज्यादा जोर देंगे लेकिन अपनी बात आने पर इसे अमल नही करेंगी घरेलू आवश्यकता के साथ सुख के साधनों पर खर्च करेंगी। मध्यान बाद विपरीत लिंगीय आकर्षण बढेगा प्रेम प्रसंगों के लिए समय देंगे खर्च भी करेंगे। असंयमित खान-पान से पेट खराब होगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपको कुछ ना कुछ हानि अवश्य कराएगा। प्रत्येक कार्य को देखभाल कर ही करें। जिस कार्य को करने में असमंजस की स्थिति बने उसमे अहम को त्याग किसी अनुभवी की सलाह ले अन्यथा आज छोड़ ही दे फायदे ने रहेंगे। सेहत भी आज नरम गरम रहने से बनी बनाई योजनाए लटकी रहेंगी। स्वभाव में झुंझलाहट रहने के कारण लोग आपसे मन की बात सांझा करने से संकोच करेंगे। काम-धंधे की गति भी मंद ही रहेगी धन लाभ के लिये आज किसी की खुशामद करनी पड़ेगी फिर भी आशाजनक नही होगा। धन संबंधित कार्यो में ज्यादा सावधानी बरतें धोखा होने की संभावना है। उधार आज किसी को भूल से भी ना दें। सेहत की समय पर जांच कराए।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपके लिये सम्मान जनक परिस्थितियां बनाएगा। दिन की शुरुआत आज धीमी रहेगी दैनिक कार्य विलंब से पूर्ण होंगे शरीर मे प्रमाद छाया रहेगा इसके विपरीत महिलाये दैनिक कार्य जल्दी पूर्ण कर पूजा पाठ में मग्न रहेंगी। कार्य व्यवसाय को लेकर भी आज आप अधिक गंभीर रहेंगे आरंभिक मंदी के बाद बिक्री में बढ़त होगी धन की आमद भी आशाजनक रहेगी। मध्यान के आस-पास किसी से आर्थिक मामलों को लेकर नोकझोंक हो सकती है गुस्से से बचे अन्यथा हानि होगी। संध्या का समय आज पूर्व नियोजित रहेगा मनपसन्द भोजन वस्त्र अलंकार वाहन सुख मिलने से रोमांचित होंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी आपके अनुकूल रहने वाला है आज कार्य सफलता के साथ ही मनोरंजन के लिए भी समय निकाल लेंगे। कार्य व्यवसाय में आज अचानक वृद्धि होगी धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे आलस्य भी आज हद से ज्यादा रहेगा जल्द से किसी कार्य को करने के लिये तैयार नही होंगे परन्तु मध्यान के समय तक अधूरे कार्यो को जल्दी पूर्ण कर लेंगे। तुरंत फल देने वाले कार्यो में निवेश शुभ रहेगा इसके अतिरिक्त कार्यो में धन फंस सकता है। नौकरी वाले लोग आज एकांत में आराम की जिंदगी बिताना पसंद करेंगे लेकिन घरेलू कार्य आने से इच्छा पूर्ण नही हो सकेगी। महिलाये आज मनोकामना पूर्ण होने से उत्साहित रहेंगी। सेहत आलस्य को छोड़ सामान्य ही रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपकी दिनचार्य अस्त-व्यस्त रहेगी। लेकिन धार्मिक कार्यो में बढ़-चढ़ कर भाग लेंगे धार्मिक स्थानों की यात्रा दान पुण्य के अवसर मिलेंगे। महिलाये आज भावनाओ में जल्दी भ जाएंगी किसी की भी बातो का जल्दी से विश्वास कर लेंगी इनसे काम निकालना आज बहुत आसान रहेगा। नौकरी वाले लोग अकस्मात कार्य आने से परेशान होंगे लेकिन इसका लाभ भी मिलने से संतुष्ट रहेंगे। व्यवसायी वर्ग आवश्यक कार्यो में भी लापरवाही दिखाएंगे जिसके परिणाम स्वरूप आज धन की आमद सीमित रहेगी। दूर रहने वाले रिश्तेदारों की चिंता होगी। बुजुर्ग आपके मन की कुछ बाते कहना चाहेंगे परन्तु संकोच वश कह नही सकेंगे इसका ध्यान रखें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आप मानसिक उलझनों में फंसे रहेंगे। दिन को शांति से बिताने की योजना पर सगे संबंधी पानी फेर सकते है। घरेलू कार्य के साथ ही रिश्तेदारी के व्यवहार निभाने में समय के साथ धन भी खर्च करना पड़ेगा। सार्वजनिक क्षेत्र पर आज आपको पैतृक प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा। आज आपकी जीवन शैली धनवानों जैसी रहेगी। दिखावे के ऊपर अधिक खर्च करेंगे इस कारण बाद में पछतावा भी होगा। कार्य व्यवसाय में पिछले दिन की अपेक्षा आज थोड़ी सुस्ती रहेगी फिर भी निर्वाह योग्य आय के साधन सहज सुलभ होंगे। सहयोगी आज कार्यो में सहयोग करने में आनाकानी करेंगे। संध्या का समय अधिक खर्चीला फिर भी आनंद दायक रहेगा। व्यसन से बचें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आप निश्चिन्त होकर बिताना पसंद करेंगे दिन के आरंभ से ही यात्रा पर्यटन की योजना बनाएंगे लेकिन घर मे मेहमानों के अकस्मात आने से थोड़ी असुविधा होगी। काम-धंदे को लेकर आज थोड़े लापरवाह रहेंगे मध्यान तक दौड़धूप भी करेंगे इसके बाद अधिकांश कार्य अधीनस्थ सहकर्मियों का भरोसे चलेंगे फिर भी संतोषजनक लाभ हो ही जायेगा। घरेलू कार्य आज अधिक रहने से महिलाये को थकान शारीरिक शिथिलता की शिकायत रहेगी। मित्रो को छोड़ शेष सभी से आज उदासीन व्यवहार करेंगे। धर्म कर्म में आस्था रहने पर भी ज्यादा समय नही देंगे इसकी जगह आज बाहर घूमना मनोरंजन ज्यादा भायेगा। परिवार के बुजुर्ग एवं संतानों के ऊपर अकस्मात खर्च होगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिये समृद्धिकारक रहेगा। घर मे सुख के साधनों की वृद्धि होगी इसपर खर्च भी अधिक करना पड़ेगा। व्यवसाय की स्थिति मध्यान तक धीमी रहेगी इसके बाद उछाल आने से धन की आमद होने लगेगी आज पुरानी उधारी चुकता होने से राहत मिलेगी। थोक के एवं जमीन के कार्य से जुड़े व्यवसायियों को आज अधिक लाभ मिलेगा। महिलाये परिवार के लिये भाग्यशाली रहेंगी गृहस्थी की सभी उलझनों को सुलझाने में बराबर सहयोग करेगी। आज आप खर्च करने से पीछे नही हटेंगे फिर भी भाई बंधु आपसे ईर्ष्या भाव रखेंगे। सेहत बनी रहेगी। आनंद मनोरंजन के प्रसंग बनेंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपकी वैचारिक एवं कल्पना शक्ति में वृद्धि होगी किसी भी कार्य मे पूर्वानुमान लगाने की खूबी सभी जगह से सम्मान दिलायेगी।
आज आपको किसी विशेष प्रयोजन में निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया जा सकता है दो पक्षो के झगड़े में भी सुलह करानी पड़ सकती है बेहतर रहेगा इस लफडो से बचे अन्यथा व्यर्थ की मानसिक उलझन होगी।
काम-धंधा आज सामान्य रहेगा खर्च निकालने लायक धन आसानी से मिल जाएगा।
आज घर के सदस्यों की फरमाइशें खत्म नही होंगी इन्हें पूरा करने में धन खर्च होगा फिर भी शांति नही मिलेगी।
महिलाये आज धनवानों जैसी जीवनशैली जीने की सोच के कारण मानसिक दुख सहेंगी।

sssrknews
Author: sssrknews

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