भारत में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री ने 2025 में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। ताज़ा रिपोर्ट्स और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल इंडस्ट्री का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है:
### *प्रमुख टर्नओवर आंकड़े*
* *कुल टर्नओवर:* केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के अनुसार, 2025-26 तक भारत की डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री *₹30,000 करोड़* के पार पहुँच गई है। यह 2015 (₹3,000 करोड़) के मुकाबले 10 गुना की बड़ी छलांग है।
* *वित्त वर्ष 2023-24 का आधार:* IDSA (Indian Direct Selling Association) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछला टर्नओवर ₹22,142 करोड़ था, जिसमें सालाना *4.04%* से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
### *मार्केट का विभाजन (Product Segments)*
2025 में भी *हेल्थ और वेलनेस* प्रोडक्ट्स का दबदबा बना रहा:
* *वेलनेस और न्यूट्रास्यूटिकल्स:* कुल बिक्री में लगभग *64%* हिस्सेदारी।
* *कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर:* लगभग *24%* हिस्सेदारी।
* *होम केयर और अन्य:* शेष *12%*।
### *रोजगार और भागीदारी*
* *डायरेक्ट सेलर्स की संख्या:* भारत में सक्रिय डायरेक्ट सेलर्स की संख्या बढ़कर *88 लाख* से अधिक हो गई है।
* *महिलाओं की भूमिका:* इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जो अब कुल कार्यबल का लगभग *44%* हिस्सा हैं।
### *महत्वपूर्ण रुझान*
* *डिजिटल विस्तार:* अब डायरेक्ट सेलिंग केवल घर-घर जाकर सामान बेचने तक सीमित नहीं है। 2025 में *डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (WhatsApp, Instagram, YouTube)* बिजनेस बढ़ाने के मुख्य माध्यम बन गए हैं।
* *सरकारी संरक्षण:* ‘उपभोक्ता संरक्षण (डायरेक्ट सेलिंग) नियम, 2021’ लागू होने के बाद इस इंडस्ट्री की विश्वसनीयता (Credibility) बढ़ी है, जिससे नए लोगों का इस पर भरोसा बढ़ा है।
यह टर्नओवर दर्शाता है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डायरेक्ट सेलिंग मार्केट्स में से एक बन गया है, और उम्मीद है कि जल्द ही यह दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल हो जाएगा।






