दिल्ली की एक अदालत ने आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को फटकार भी लगाई। फैसले के बाद केजरीवाल भावुक नजर आए और प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार तथा दिल्ली की भाजपा सरकार पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।
हालांकि, निर्णय के कुछ ही देर बाद CBI ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए अपील दायर कर दी। इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
क्या बोलीं मुख्यमंत्री?
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह निचली अदालत का फैसला है और अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ हुई और कई मोबाइल फोन का डेटा नष्ट किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार की नीति सही थी तो उसे वापस क्यों लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है और उच्च अदालतों में तथ्यों की दोबारा जांच होगी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी लिखा कि यह फैसला अंतिम सत्य नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का एक चरण है। उनके अनुसार, सच्चाई सामने आएगी और अंतिम फैसला अभी बाकी है।
मनोज तिवारी की प्रतिक्रिया
मनोज तिवारी ने भी इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि यह निचली अदालत का निर्णय है और CBI ऊपरी अदालत में अपील कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगे की न्यायिक प्रक्रिया में सच्चाई सामने आएगी।



